मध्य प्रदेश में विद्युतकर्मियों-पेंशनर्स के लिए बड़ी सौगात


मध्य प्रदेश में विद्युतकर्मियों-पेंशनर्स के लिए बड़ी सौगात

– अंशदायी कैशलेस स्वास्थ्य योजना लागू – एक लाख ८२ हजार तक लाभार्थी – आवेदन प्रक्रिया शुरू

भोपाल, [तिथिः आज] – मध्य प्रदेश की ऊर्जा विभाग ने राज्य की सभी विद्युत कंपनियों में कार्यरत नियमित, संविदा कर्मचारियों तथा पेंशनरों एवं उनके आश्रितों के लिए एक विशेष अंशदायी कैशलेस स्वास्थ्य योजना को मंजूरी दे दी है। 

Scheme details
  • Eligibility: Regular, contract, and retired employees of MPPGCL and their families.
  • Coverage: Cashless health insurance with three options:
    • ₹5 lakh: ₹500 per month contribution.
    • ₹10 lakh: ₹1,000 per month contribution.
    • ₹25 lakh: ₹2,000 per month contribution.
  • Implementation: The scheme is being implemented through a tendering process to select an implementation support agency.
  • Timeline: The goal was to launch the scheme by October 1, 2025.
  • Beneficiaries: The scheme is expected to benefit approximately 90,000 families. 

यह योजना विभिन्न अस्पतालों में कैशलेस (नगद रहित) उपचार सुविधा उपलब्ध करवाएगी, जिससे कि अस्पताल में भर्ती होने पर कर्मचारी/पेंशनर को उपचार के समय बड़ी आर्थिक परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।

योजना का उद्देश्य

विद्युत कंपनियों के कर्मचारियों-पेंशनरों को स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान करना।

अस्पताल में भर्ती एवं उपचार के समय तत्काल वित्तीय बाधाएं कम करना।

राज्य में विद्युत क्षेत्र के कर्मचारियों के सामाजिक-कल्याण को आगे बढ़ाना।

एक अक्टूबर 2025 तक इस योजना का क्रियान्वयन करना लक्ष्य रखा गया है। 

किसे मिलेगा लाभ?

राज्य की 6 विद्युत कंपनियों में कार्यरत नियमित कर्मचारी तथा संविदा कर्मचारियों। 

विद्युत कंपनियों के पेंशनर तथा उनके परिजन। 

अनुमानित लाभार्थी संख्या है करीब 1 लाख 82 हजार कर्मी-पेंशनर एवं उनके आश्रित। 

योजना की प्रमुख विशेषताएँ

यह योजना अंशदायी है: अर्थात् कर्मचारी/पेंशनर को मासिक अंशदान देना होगा। 

अंशदान के विकल्प दिए गए हैं: उदाहरण के तौर पर:

मासिक ≈ ₹ 500 के अंशदान पर प्रति वर्ष ₹ 5 लाख तक का कैशलेस उपचार सुविधा। 

मासिक ≈ ₹ 1,000 के अंशदान पर प्रति वर्ष ₹ 10 लाख तक। 

मासिक ≈ ₹ 2,000 के अंशदान पर प्रति वर्ष ₹ 25 लाख तक का कैशलेस उपचार। 

देशभर के अस्पतालों से अनुबंधित अस्पतालों के माध्यम से यह सुविधा मिलेगी। 

योजना का क्रियान्वयन एजेंसी चुनने हेतु ई-टेंडर जारी किया गया है। 

कब से शुरू?

ऊर्जा मंत्री द्वारा बताया गया है कि योजना को एक अक्टूबर 2025 तक प्रारंभ करने का लक्ष्य रखा गया है। 

15 जुलाई 2025 को ई-टेंडर जारी कर दिया गया। 

कुछ रिपोर्टों के अनुसार एजेंसी चयन एवं अस्पताल अनुबंध की प्रक्रिया में लगभग 1 माह का समय लग सकता है। 

कैसे आवेदन करें? / क्या करें?

इस योजना के लिए अभी तक राज्य या कंपनी द्वारा विस्तृत ऑनलाइन आवेदन-पोर्टल लिंक सीधे सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं मिली है, लेकिन सूचना हेतु निम्न स्रोत दिए गए हैं:

M.P. Power Management Company Limited (MPPMCL) की वेबसाइट पर “Cashless Scheme” नामक पेज पर आवेदन / फॉर्म डाउनलोड लिंक दी गयी है। 

कर्मचारी/पेंशनर अपने संबंधित विद्युत कंपनी कार्यालय (मान-कर्मी कार्यालय) से फॉर्म प्राप्त कर सकते हैं तथा आवेदन-प्रक्रिया की जानकारी ले सकते हैं। 

सुझाव: हालाँकि अभी लिंक पूरी तरह स्पष्ट नहीं है, इसलिए लाभार्थियों को सलाह दी जाती है कि वे अपने कंपनी के मानव संसाधन (HR) / कल्याण विभाग से संपर्क करें एवं हेल्प-डेस्क (यदि कार्यालय में उपलब्ध हो) में जाकर जानकारी लें। 

ध्यान दें: फॉर्म भरने के बाद मासिक अंशदान व बैंक-डिटेल्स का प्रावधान होगा। कर्मचारी/पेंशनर अपनी सुविधा एवं विकल्प अनुसार अंशदान स्तर चुन सकते हैं।

क्यों यह योजना महत्वपूर्ण है?

विद्युत क्षेत्र में जोखिम व कार्यभार गहरा होने के कारण स्वास्थ्य-सुरक्षा की आवश्यकता अधिक है।

अब कर्मचारियों/पेंशनरों को अस्पताल में भर्ती होने पर नगद राशि तुरंत उपलब्ध नहीं बनाने का भार कम होगा।

सुनिश्चित करेगा कि लाभार्थियों को इलाज के दौरान आर्थिक बोझ का सामना कम करना पड़े।

इससे कर्मचारी-मनःस्थिति, कार्यक्षमता एवं कंपनी-कल्याण बेहतर होगा।

राज्य-स्तर पर इसे कर्मचारी福利 का मील-पत्थर माना जा रहा है।

कुछ ध्यान देने योग्य बिंदु

“कपना” योजना नहीं, बल्कि वैकल्पिक अंशदान द्वारा लाभ प्राप्त करने योग्य है।

जहाँ तक देखा गया है, योजना अभी पूरी तरह लागू नहीं हुई है; अभी एजेंसी चयन एवं अस्पताल अनुबंध की प्रक्रिया में है। 

लाभार्थी को मासिक अंशदान का भुगतान सुनिश्चित करना होगा—यदि भुगतान बंद हुआ या समय पर नहीं किया गया तो सुविधा प्रभावित हो सकती है।

अस्पताल चयन एवं उपचार पैकेज—अनुबंधित अस्पताल में उपचार हो सकेगा. लाभार्थी को अस्पताल में ऐसा अस्पताल चुनने की सुविधा मिलेगी जो इस योजना से जुड़ा हो।

आवेदन करते समय कंपनी-मानक एवं कल्याण विभाग की गाइडलाइन्स, फॉर्म भरने की शर्तें, बैंक-डिटेल्स आदि अवश्य समझ लेनी चाहिए

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मध्य प्रदेश के ऊर्जा विभाग तथा राज्य की पावर-कंपनियों ने अपने कर्मचारियों, पेंशनरों एवं उनके आश्रितों के लिए एक विशेष अंशदायी कैशलेस स्वास्थ्य योजना को प्रारंभ करने का निर्णय लिया है। इस योजना के अंतर्गत कर्मचारियों/पेंशनरों को अस्पतालों में कैशलेस (नगद-रहित) उपचार की सुविधा मिल सकेगी।

योजना के मुख्य बिंदु

यह योजना राज्य की पावर-कंपनियों (जैसे MPPGCL) के नियमित कर्मचारी, संविदा कर्मचारी एवं पेंशनर तथा उनके आश्रितों को उपलब्ध होगी। 

लाभार्थियों की संख्या लगभग 1 लाख 82 हजार अनुमानित है। 

यह योजना अंशदायी (contributory) है; अर्थात् कर्मचारी/पेंशनर को मासिक अंशदान देना होगा और उसके बदले इलाज-सुविधा मिलेगी। 

प्रस्तावित रूप से योजना 1 अक्टूबर 2025 तक प्रारंभ करने का लक्ष्य रखा गया है। 

ऑनलाइन आवेदन कैसे करें?

आप नीचे दिए लिंक पर जाकर फॉर्म डाउनलोड कर सकते हैं या आवेदन प्रक्रिया शुरू कर सकते हैं:

➡️ “Cashless Scheme” पेज – MP Power Management Company Ltd. (यह लिंक राज्य-पावर विभाग की समग्र सुविधा का पेज है जिसमें इस योजना के लिए फॉर्म डाउनलोड विकल्प है) 

> ध्यान दें: इसे सीधे “ऑनलाइन आवेदन फॉर्म” स्वीकार करने वाला लिंक कह पाना अभी कठिन है, क्योंकि फॉर्म डाउनलोड एवं आवेदन प्रक्रिया कंपनी-मानव संसाधन विभाग द्वारा संचालित होगी। लाभार्थियों को अपने कंपनी के HR/कल्याण विभाग से संपर्क करना चाहिए

आवेदन करने की दिशा-निर्देश

1. दिए गए लिंक पर जाएँ एवं फॉर्म डाउनलोड करें।

2. फॉर्म को भरें — इसमें आपकी कर्मचारी/पेंशनर संख्या, आश्रितों की जानकारी, बैंक-डिटेल्स, मोबाइल नंबर आदि मांगे जा सकते हैं।

3. मासिक अंशदान और लाभ चयन करें (आपके विकल्प के अनुसार अंशदान-स्तर व लाभ-राज्य तय होगा)।

4. फॉर्म एवं बैंक-डिटेल्स हार्डकॉपी/ई-मेल के माध्यम से कंपनी-मानव संसाधन विभाग को जमा करें।

5. योजना लागू होने के बाद आप उस सूचीबद्ध अस्पताल में उपचार करा सकते हैं जो इस योजना से अनुबंधित होगा

इस योजना का महत्व

पावर-कंपनी में काम करने वाले कर्मचारियों एवं पेंशनरों के लिए स्वास्थ्य-सुरक्षा का नया मानदंड बनेगा।

अस्पताल में भर्ती होने पर तुरंत आर्थिक परेशानी आने की संभावना कम होगी।

कर्मचारी-कल्याण बढ़ेगा तथा कम्पनी के प्रति विश्वास बढ़ेगा।

राज्य-स्तर पर यह योजना एक सामाजिक-कल्याणात्मक पहल के रूप में देखी जा रही है।

कुछ महत्वपूर्ण बातें ध्यान देने योग्य

यह योजना तत्काल लागू नहीं हुई है—अभी एजेंसी चयन, अस्पताल अनुबंध आदि प्रक्रियाएं चल रही हैं। 

मासिक अंशदान नियमित देना अनिवार्य होगा; भुगतान रुकने पर लाभ प्रभावित हो सकता है।

चयनित अस्पताल में ही उपचार लेने पर कैशलेस सुविधा मिलेगी।

आवेदन करते समय अपने कंपनी/क्लेन्यून विभाग द्वारा जारी गाइडलाइन्स अवश्य पढ़ें।

यदि आपको डाउनलोड फॉर्म, आवेदन-स्थिति या शर्तों में कोई असमंजस्य हो सके — तो अपने HR/कल्याण विभाग से संपर्क करें।

https://www.mppgcl.mp.gov.in/Welcome_Cashless_Pensioner.html


निष्कर्ष

मध्य प्रदेश की विद्युत कंपनियों में कार्यरत कर्मचारियों, संविदा कर्मियों तथा पेंशनरों के लिए यह अंशदायी कैशलेस स्वास्थ्य योजना एक महत्वपूर्ण कल्याणात्मक कदम है। समय रहते इस योजना में शामिल होने से भविष्य में स्वास्थ्य-उपचार संबंधी आर्थिक बोझ कम किया जा सकता है। लाभार्थियों TT को सलाह है कि जल्द से जल्द अपनी कम्पनी-मानव संसाधन टीम से संपर्क करें, आवेदन-फॉर्म भरें और मासिक अंशदान हेतु तैयारी कर लें।


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