झाबुआ मेले में बड़ा हादसा: झूला टूटकर गिरा, दो दर्जन बच्चे घायल, 7–8 की हालत गंभीर | KC News

झाबुआ मेले में बड़ा हादसा: झूला टूटकर गिरा, दो दर्जन बच्चे घायल Jhabua Mela Accident News

झाबुआ में मेले के दौरान बड़ा हादसा, झूला टूटकर गिरा — दो दर्जन बच्चे घायल, कई की हालत गंभीर

झाबुआ | मध्य प्रदेश | ब्रेकिंग न्यूज़

मध्य प्रदेश के झाबुआ जिले से एक दर्दनाक और चिंताजनक घटना सामने आई है। यहाँ आयोजित पारंपरिक मेले के दौरान झूला टूटकर गिर जाने से करीब दो दर्जन बच्चे घायल हो गए।

प्रशासन से प्राप्त जानकारी के अनुसार, घायलों में से 15 बच्चों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जबकि 7 से 8 बच्चों की हालत गंभीर बताई जा रही है।


⚠️ कैसे हुआ हादसा?

यह हादसा झाबुआ जिले में आदिवासियों के बड़े संत खूम सिंह महाराज की स्मृति में आयोजित मेले के दौरान हुआ।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मेले में बच्चों की भीड़ झूले का आनंद ले रही थी, इसी दौरान अचानक झूले का संतुलन बिगड़ा और झूला टूटकर नीचे गिर गया।

हादसा इतना अचानक था कि बच्चों को संभलने तक का मौका नहीं मिला और कई बच्चे झूले के नीचे दब गए।


🚑 घायलों को तुरंत पहुंचाया गया अस्पताल

घटना के तुरंत बाद मेले में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों और प्रशासन की मदद से सभी घायल बच्चों को 108 एंबुलेंस और निजी वाहनों से जिला अस्पताल झाबुआ पहुंचाया गया।

डॉक्टरों के अनुसार, अधिकतर बच्चों को हाथ-पैर, सिर और कमर में चोटें आई हैं। गंभीर रूप से घायल बच्चों को विशेष निगरानी में रखा गया है।


👮 एसपी और एसडीएम पहुंचे अस्पताल

हादसे की सूचना मिलते ही झाबुआ एसपी और एसडीएम तत्काल जिला अस्पताल पहुंचे और घायलों की स्थिति की जानकारी ली।

अधिकारियों ने डॉक्टरों को बेहतर इलाज सुनिश्चित करने के निर्देश दिए और परिजनों से भी बातचीत की।

“घटना की जांच की जा रही है। लापरवाही पाए जाने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।”


🚓 मेला क्षेत्र में पुलिस ने संभाला मोर्चा

हादसे के बाद स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस बल को मेला क्षेत्र में तैनात किया गया।

भीड़ को हटाकर अन्य झूलों और अस्थायी संरचनाओं की सुरक्षा की जांच शुरू कर दी गई है।

प्रशासन ने एहतियातन कुछ झूलों को अस्थायी रूप से बंद भी कराया है।


📅 कल मंगलवार को होना था मेले का समापन

यह मेला आदिवासियों के बड़े संत खूम सिंह महाराज की स्मृति में आयोजित किया गया था, जिसका समापन मंगलवार को होना प्रस्तावित था।

हालांकि हादसे के बाद प्रशासन मेला जारी रखने या समापन कार्यक्रम में बदलाव को लेकर विचार कर रहा है।


🧠 सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

इस हादसे ने एक बार फिर मेले और सार्वजनिक आयोजनों में सुरक्षा मानकों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि:

  • झूलों की नियमित तकनीकी जांच नहीं होती
  • क्षमता से अधिक बच्चों को बैठाया जाता है
  • आपातकालीन व्यवस्थाएं कमजोर रहती हैं

🧑‍⚖️ प्रशासनिक जांच की तैयारी

प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि हादसे के कारणों की विस्तृत जांच की जाएगी, जिसमें:

  • झूला संचालक की भूमिका
  • अनुमति और फिटनेस सर्टिफिकेट
  • सुरक्षा मानकों का पालन

जैसे बिंदुओं को शामिल किया जाएगा।


📌 आम नागरिकों के लिए अपील

प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि मेले या भीड़-भाड़ वाले आयोजनों में बच्चों पर विशेष ध्यान रखें और किसी भी असुरक्षित गतिविधि की सूचना तुरंत प्रशासन को दें।


📝 निष्कर्ष

झाबुआ मेले में हुआ यह हादसा कई परिवारों के लिए डर और चिंता का कारण बन गया है। सौभाग्य से कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन बच्चों का गंभीर रूप से घायल होना प्रशासन और आयोजकों दोनों के लिए एक गंभीर चेतावनी है।

फिलहाल सभी की निगाहें घायल बच्चों के शीघ्र स्वस्थ होने और प्रशासनिक जांच के निष्कर्ष पर टिकी हैं।

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