Fake Teacher Recruitment Scam in MP: मध्य प्रदेश में फर्जी शिक्षक भर्ती घोटाला उजागर
भोपाल: मध्य प्रदेश में सरकारी स्कूलों में फर्जी तरीके से की गई शिक्षक भर्ती का बड़ा मामला सामने आया है। स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने कार्रवाई करते हुए एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो फर्जी दस्तावेजों के जरिए शिक्षकों की नियुक्ति करवा रहा था।
कैसे हुआ फर्जीवाड़े का खुलासा?
जांच के दौरान यह सामने आया कि कई शिक्षकों ने फर्जी डी.एड. (D.Ed) और अन्य शैक्षणिक प्रमाण पत्रों के आधार पर सरकारी स्कूलों में नौकरी हासिल की थी। जब इन दस्तावेजों का सत्यापन किया गया, तो बड़ी संख्या में प्रमाण पत्र फर्जी पाए गए।
STF की प्रारंभिक जांच में करीब 30 से अधिक शिक्षकों के दस्तावेज संदिग्ध पाए गए हैं।
कितने सालों से चल रहा था यह खेल?
सूत्रों के अनुसार यह घोटाला पिछले कई वर्षों से चल रहा था। फर्जी दस्तावेज तैयार करने वाला नेटवर्क न सिर्फ मध्य प्रदेश बल्कि अन्य राज्यों से भी जुड़ा हुआ हो सकता है।
कुछ मामलों में यह भी सामने आया है कि संबंधित शिक्षकों ने लंबे समय तक बच्चों को पढ़ाया, लेकिन उनकी नियुक्ति ही नियमों के खिलाफ थी।
सरकार और शिक्षा विभाग की प्रतिक्रिया
मामले के सामने आने के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और जरूरत पड़ने पर सभी नियुक्तियों की दोबारा जांच कराई जाएगी।
शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि बच्चों के भविष्य से किसी भी तरह का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
बच्चों की पढ़ाई पर क्या असर?
इस घोटाले का सबसे बड़ा असर विद्यार्थियों की शिक्षा पर पड़ा है। सवाल यह भी उठ रहा है कि जिन शिक्षकों की नियुक्ति ही गलत थी, उन्होंने बच्चों को किस स्तर की शिक्षा दी।
विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों से शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं।
K C News इस घोटाले से जुड़ी हर अपडेट आप तक सबसे पहले पहुंचाता रहेगा।

0 Comments