रीवा: शांति विहार कॉलोनी में श्रद्धा और भक्ति के साथ श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन

रीवा: शांति विहार कॉलोनी में श्रद्धा और भक्ति के साथ श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन

रीवा: शांति विहार कॉलोनी में भक्ति भाव से बह रही श्रीमद्भागवत कथा की गंगा

रीवा | धार्मिक समाचार | एच एल विश्वकर्मा । K C News

रीवा शहर की शांति विहार कॉलोनी में इन दिनों आध्यात्मिक वातावरण बना हुआ है, जहाँ श्रीमद्भागवत कथा का भव्य आयोजन श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ किया जा रहा है।

दिल्ली से पधारे कथावाचक आचार्य भोले शंकर महाराज अपने सरल, सहज और भावपूर्ण शैली में भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं का रसपान करा रहे हैं। कथा में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित होकर धर्म लाभ अर्जित कर रहे हैं।


📿 कथा का आज सातवा दिवस: जड़ भरत की अमृतमयी कथा

श्रीमद्भागवत कथा के चतुर्थ दिवस आचार्य भोले शंकर महाराज ने जड़ भरत की अमृतमयी कथा का भावपूर्ण वाचन किया।

उन्होंने बताया कि मनुष्य का अंतिम समय का चिंतन ही उसके अगले जन्म की दिशा तय करता है। यदि जीवन के अंतिम क्षणों में प्रभु का स्मरण किया जाए, तो मोक्ष का मार्ग प्रशस्त होता है।

कथावाचक ने कहा कि राजा भरत ने जीवन भर भगवान का चिंतन किया, परंतु अंतिम समय में मृग के मोह में पड़ने से अगले जन्म में जड़ भरत के रूप में जन्म लेना पड़ा। यह प्रसंग मानव जीवन में आसक्ति और वैराग्य के महत्व को दर्शाता है।


🕉️ भगवान के नाम की महिमा का विस्तार से वर्णन

कथा के दौरान आचार्य भोले शंकर महाराज ने भगवान के नाम की महिमा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि —

“कलयुग में केवल प्रभु का नाम ही मनुष्य को भवसागर से पार लगा सकता है।”

उन्होंने अजामिल, गजेंद्र मोक्ष, भक्त प्रह्लाद, वामन अवतार, श्रीराम जन्म और श्रीकृष्ण जन्मोत्सव जैसे प्रसंगों का उल्लेख करते हुए श्रद्धालुओं को भक्ति मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी।


🙏 श्रद्धालुओं की उमड़ी भारी भीड़

कथा स्थल पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। भक्तों ने बताया कि आचार्य जी की कथा शैली अत्यंत सरल है, जिससे हर वर्ग के लोग कथा को सहज रूप से समझ पा रहे हैं।

कथा श्रवण के दौरान पूरा पंडाल “हरे कृष्ण”, “जय श्रीकृष्ण” के जयघोष से गूंज उठा।


🤝 आयोजन में स्थानीय नागरिकों की सहभागिता

इस धार्मिक आयोजन में क्षेत्र के अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कथा के आयोजन में बुद्धसेन चतुर्वेदी, सरकार सिंह, रामआश्रय मिश्रा, रामलखन साहू, विजय सिंह, सूरज सिंह सहित अन्य सामाजिक कार्यकर्ताओं का सहयोग रहा।

आयोजकों ने बताया कि इस प्रकार के धार्मिक आयोजन समाज में सकारात्मक ऊर्जा, संस्कार और आपसी सद्भाव को बढ़ावा देते हैं। कथा की पूर्णाहुति एवं विशाल भंडारा दिनांक 21 जनवरी 2026 को संपन्न होगा। समस्त श्रद्धालुगण महा प्रसाद हेतु सादर निमंत्रित है। राधे राधे..


🌸 धार्मिक वातावरण से क्षेत्र में सकारात्मक संदेश

शांति विहार कॉलोनी में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा से पूरे क्षेत्र में धार्मिक और आध्यात्मिक वातावरण निर्मित हो गया है।

स्थानीय निवासियों का कहना है कि ऐसे आयोजनों से युवाओं और बच्चों को भी संस्कारों की शिक्षा मिलती है।


📌 निष्कर्ष

शांति विहार कॉलोनी में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र बनी हुई है, बल्कि यह आयोजन समाज को धर्म, भक्ति और सदाचार के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा भी दे रहा है।

श्रद्धालुओं को आगामी दिनों में कथा के अन्य प्रसंगों का रसपान कराने का क्रम निरंतर जारी रहेगा।

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